Saturday, December 31, 2011

श्री गुरु गोविन्द सिंह जी के जन्मदिवस पर आयोजित विचार- साहित्यिक गोष्ठी

खालसा पंथ के सर्जक व हिन्दू धर्म रक्षक श्री गुरु गोविन्द सिंह जी के जन्मदिवस के उपलक्ष में अम्बाला छावनी के रोटरी मूक बधिर विद्यालय के प्रांगण में एक विचार- साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया| मुख्य वक्ता डा. रतन सिंह ढिल्लों, डा. गुरदेव सिंह देव, जसबीर सिंह थापड, मंच की प्रधान डा. शशि धमीजा, मंच के महामंत्री डा. जय प्रकाश गुप्त, श्री ओम प्रकाश बनमाली द्वारा गुरु जी के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाल गुरु जी की हिन्दू धर्म रक्षक की छवि को रेखांकित करते हुए उनके त्याग, शौर्य, विद्वत्ता व साहित्य सर्जक के विभिन्न आयामों की चर्चा हुई|
साहित्यिक गोष्ठी में कवि श्री उदय ठाकुर, सुभाष धीमान, कुंवर वीर सिंह, राजेन्द्र ग्रोवर, कृष्ण अवतार सूरी, सतपाल सभरवाल, संतोष अग्रवाल, इन्द्रप्रीत सिंह, श्रीमती विजय गुप्त द्वारा अपनी रचनाएं प्रस्तुत की गयीं| आचार्य नीरज जी द्वारा कार्यक्रम के आरंभ में सरस्वती वंदना व गुरु गोविन्द के सम्बन्ध में भावपूर्ण श्रद्धावचन कहे| कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक श्री भूषण जी विशेष रूप से उपस्थित रहे|
वन्देमातरम गायन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ|







Monday, April 4, 2011

हिन्दु नववर्ष (सम्वत् ) विक्रमी- २०६८












राष्ट्रभाषा- संस्कृति- राष्ट्रवाद को समर्पित राष्ट्रभाषा विचार मंच ने आज सदर बाजार अम्बाला छावनी में नवसम्वत् अभिनन्दन समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में भारत माता पूजन- वन्दन, राष्ट्रभक्ति सड़्गीत व हिन्दु नववर्ष (सम्वत् ) विक्रमी- २०६८ के महत्व की जानकारी लिए पत्रक वितरण का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रभाषा विचार मंच की प्रधान डॉ. शशि धमीजा, उप-प्रधान डॉ. उर्मिल गुप्त, महामन्त्री डॉ. जय प्रकाश गुप्त के अतिरिक्त नगर के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी प्रतिभागिता की। नैशनल अवेयरनैस फ़ॉरम के महासचिव श्री बलभद्र थापड़, संस्कृति गरिमा मंच की अध्यक्ष श्रीमती विजय गुप्त, मानव सेवा केन्द्र के अध्यक्ष श्री बिमल प्रकाश अग्रवाल, भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष श्री रवीन्द्र धवन, श्री अरुण कुमार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के डॉ, मनोज शर्मा, डॉ. सुरेन्द्र गुप्त, आर्य समाज रामनगर के डॉ. नरेश बत्रा आदि अनेकानेक संस्थाओं के पदाधिकारी, व विशिष्ट नागरिक समारोह में सम्मिलित हुए। कॉलेज विद्यार्थियों मे सिमी, विशाली, ऋतु, गीता आदि ने कार्यक्रम में सहभागिता की व पत्रक वितरण में सहयोग किया। भूपेन्द्र मोहन चोपड़ा, श्री सुरेश विन्दलस आदि सभी ने कार्यक्रम के निष्पादन में सहयोग किया।

Saturday, December 18, 2010

भगवा कवि सम्मेलन- २५ दिसम्बर २०१०











अम्बाला छावनी (हरियाणा) के वेद भवन, आर्य नगर में शनिवार दि. २५ दिसम्बर २०१० को प्रात: १० बजे भारत माता के महान सपूत पूर्व प्रधानमन्त्री व ओजस्वी राष्ट्रवादी कवि श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिन के उपलक्ष में व उन्हीं को समर्पित ‘भगवा कवि सम्मेलन’ का आयोजन होगा जिसमें अम्बाला व निकटवर्ती क्षेत्रों के अनेक कवि अपनी रचनाएं पढ़ेंगे।

Sunday, March 7, 2010

नवां स्थापना दिवस समारोह

अपनी स्थापना के नोवें वर्ष में प्रवेश करने के उपलक्ष में राष्ट्रभाषा विचार मंच द्वारा सोमवार २६ जनवरी २००९ के दिन आर्य गर्ल्स कॉलेज, अम्बाला छावनी के सभागार में स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रख्यात अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक नांदरा द्वारा देवी सरस्वती व भारत माता के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन किया गया जिसके साथ ही कॉलेज की छात्राओं द्वारा मंगलाचरण व सरस्वती वंदना का उच्चारण किया गया। राष्ट्रभाषा विचार मंच के महामंत्री डॉ. जय प्रकाश ने गत ९ वर्षों का मंच का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा मंच के उद्देश्यों तथा क्रियाकलापों की जानकारी दी।
इस अवसर पर एक कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय व निकटवर्ती स्थलों से आए कवियों ने काव्यपाठ किया। कवियों में सर्वश्री डॉ. रतन सिंह् ढिल्लों, डॉ. प्रदीप शर्मा ‘स्नेही’, डॉ. शशि धमीजा, डॉ. संध्या गौतम, डॉ. नरेश बत्तरा, डॉ. प्रतिभा पुरन्धि, उदय ठाकुर, श्रीकृष्ण सैनी, सिकन्दर समर्पित, सोम प्रकाश चसवाल आदि ने अपनी रचनाएं पढ़ीं।

Wednesday, April 1, 2009

वसन्तोत्सव समारोह


माघ शुक्ल पंचमी विक्रमी सम्वत् २०६५ (३ मार्च २००९) के दिन को देवी सरस्वती को समर्पण के भाव से दीवान कृष्ण किशोर सनातन धर्म आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के सभागार में राष्ट्रभाषा विचार मंच द्वारा महाविद्यालयीय विद्यार्थियों के लिए एक काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विषय था- सरस्वती वन्दना। हिन्दी व संस्कृत भाषाओं में रखी गई इस प्रतियोगिता में अम्बाला व निकट के महाविद्यालयों के २० विद्यार्थियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि श्री बलदेव भद्र थापड़ व विशिष्ट अतिथि प्रख्यात ज्योतिषी श्री अशोक शास्त्री ने हिन्दी व संस्कृत भाषा के ३-३ विद्यार्थियों को मंच की ओर से पुरस्कार व प्रमाण पत्र प्रदान किये। निर्णायकों की भूमिका में श्री उदय ठाकुर व सरिता जी ने प्रतिभागियों के स्तर का आकलन किया।

Sunday, February 1, 2009

विवेकानन्द जयन्ती समारोह- २००९

आर्य गर्ल्स कॉलेज, अम्बाला छावनी के सभागार में बृहस्पतिवार १५ जनवरी २००९ के दिन विवेकानन्द जयन्ती समारोह के अन्तर्गत एक अन्तर्महाविद्यालय भाषण प्रतियिगिता का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय व निकट के ६ महाविद्यालयों से १२ विद्यार्थियों ने प्रतिभागिता की। भाषण का विषय था ‘विवेकानन्द- व्यक्ति एवं विचार’ । समारोह के मुख्य अतिथि भारत विकास परिषद की राष्ट्रीय समिति के सदस्य श्री सुधीर वर्मा रहे व अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्या डॉ. नीना बेदी ने की। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका रोटरी मूक बधिर विद्यालय, अम्बाला छावनी के प्राचार्य श्री उदय ठाकुर व आर्य गर्ल्स कॉलेज, अम्बाला छावनी की पूर्व प्राचार्या श्रीमती सविता बजाज ने निभाई ।माधो राम दया राम गर्ल्स कॉलेज, अम्बाला शहर की सोनिया को प्रथम, आर्य गर्ल्स कॉलेज, अम्बाला छावनी की अनुपमा को द्वितीय व माधो राम दया राम गर्ल्स कॉलेज, अम्बाला शहर की प्रियंका को तृतीय पुरस्कार के रूप में मंच की ओर से स्मृति चिह्न व प्रमाण पत्र दिए गए।

Thursday, November 6, 2008

हिन्दी ?

देवनागरी में अरबी फ़ारसी आंग्ल के शब्दों को लिखना या पढ़ना क्या हिन्दी है? 
सुन्दर सरस सरल सशक्त भाषा के शब्दों को बिसराना और् इठलाना क्या हिन्दी है? 
मन्दिर को बुतख़ाना कह कर देवालय की शुचिता मर्यादा के प्रति अपमान जताना क्या हिन्दी है? 
गंगा की पावनता भूल के आबोजमजम लेकर आना क्या हिन्दी है? 
हिन्दु को क़ाफ़िर कहना या फ़िर हिन्दु को धर्म शब्द का अर्थ सिखाना क्या हिन्दी है? 
या मन्दिर में मदिरालय को स्थापित करके स्वयंसिद्ध सैक्युलर कहाना, ये हिन्दी है!

क्या हिन्दी के अपने कोई शब्द नहीं हैं? 
क्या भाषा की शुचिता का कुछ मर्म नहीं है? 
क्या हमने सीखा है केवल परकीयों से, 
अथवा हमको आती कोई शर्म नहीं है??

हिन्दी भारत की हिन्दु की भाषा है, 
हिन्दी से ही निज गौरव की आशा है। 
हिन्दी का श्रृंगार है जननी संस्कृत से,
परकीयों की भाषा घोर निराशा है।।

आओ हिन्दी को पावन समृद्ध बनाएं, 
अपनी संस्कृति निज गौरव का दीप जलाएं। 
ये सम्भव होगा केवल निष्ठा श्रद्धा से, 
निज भाषा का आओ मिलकर मान बढ़ाएं॥