Monday, March 2, 2026
वसन्त ऋतु व होली उत्सव को समर्पित एक विचार - साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन राष्ट्रभाषा विचार मंच द्वारा स्थानीय विवेकानन्द प्राथमिक पाठशाला के संगोष्ठी कक्ष में किया गया जिसमें कवि - साहित्यकारों व समाज के गणमान्य विचारकों ने भाग लिया । कार्यक्रम का संचालन मंच के महामंत्री डॉ. जय प्रकाश गुप्त ने व अध्यक्षता मानव सेवा केन्द्र के प्रधान व पूर्व पार्षद बिमल प्रकाश अग्रवाल ने की ।
मंच के संक्षिप्त परिचय व अभ्यगतों के स्वागत के उपरान्त डॉ. जय प्रकाश गुप्त द्वारा सरस्वती वन्दना की प्रस्तुति से कार्यक्रम का विधिवत् आरम्भ के उपरान्त, अम्बाला शहर से आईं डी ए वी स्कूल की पूर्व प्राचार्य अनीता चोपड़ा द्वारा ने होली को समर्पित अपनी कविता में सामाजिक सौहार्द पर यूं कहा "दिलों को कुछ तो ख़ाली करो नफरतों से किसी को ये घर किराये पर दिया जाए", अम्बाला शहर से ही हरियाणा महिला आयोग की पूर्व सदस्य एडवोकेट नम्रता गौड़ ने वसन्त पर अपनी रचना यूं प्रस्तुत की, "आया वसन्त, पाला उड़न्त, कष्टों का अन्त, खुशियां अनन्त लाया वसन्त", मारकण्डा नेशनल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. विनय मल्होत्रा के गीत के शब्द रहे "लो फिर बसंत आई, मां सरस्वती की संस्तुति से मनाई" , बी एस एन एल के वरिष्ठ अधिकारी संजय प्रधान ने सभी को वसन्त एवम् होली की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए हिन्दू समाज के समक्ष सामाजिक, राजनैतिक व मजहबी चुनौतियों के प्रति चिन्ता प्रकट करते हुए हिन्दू समाज की एकजुटता की नितान्त आवश्यकता के संकल्प से होली के पर्व को मनाने का अनुरोध किया । मंच की प्रधान डॉ. शशि धमीजा ने होली की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा, "पर्व मनाओ होली का
तिलक लगाओ रोली का
सूखे रंगों से रंग डालो
मुँह यारों की टोली का",
वरिष्ठ भाजपा नेत्री व शिक्षिका श्रीमती कंचन हीरा ने वसन्त ऋतु के अनुकूल प्राकृतिक वातावरण में शरीर व मन को निरोग व सशक्त बनाने के लिए योग की कुछ सरल क्रियाओं की व्यवहारिक जानकारी दी तथा उसे अपनी दिनचर्या का अविभाज्य अंग बनाने की प्रेरणा दी । डॉ. जय प्रकाश गुप्त ने वसन्त ऋतु पर कहा, "हे वसन्त ऋतुराज तुम्हारा करते हैं हम सब अभिनन्दन, नव पल्लवित व पुष्पित होगा भारतमाता का नन्दनवन", होली पर डॉ. गुप्त ने कहा,
"एक रंग हों, समरस हों सब होली मंगलमय हो
प्रेम और सद्भाव से बोलें "भारत माँ की जय हो", इसके अतिरिक्त अन्य सभी अभ्यागतों ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए । अध्यक्षता कर रहे बिमल प्रकाश अग्रवाल ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रभाषा विचार मंच के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं व मंच को सभी प्रकार के सहयोग का आश्वासन दिया । धर्म और संस्कृति के सूत्रों को अनेक शास्त्रीय आप्त वचनों से पोषित करते हुए सनातन धर्म के विराट और उदार स्वरूप को समझने व समृद्ध करने का आवाहन किया व होली पर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं ।
संचालक डॉ. जय प्रकाश गुप्त द्वारा सभी के धन्यवाद व सामूहिक वन्देमातरम् गीत गायन से कार्यक्रम का समापन हुआ ।
Subscribe to:
Comments (Atom)